अपने आप को फिर से कैसे पुनर्जीवित करे

                            अपने आप को फिर से पुनर्जीवित करे चाहे आप किसी भी उम्र में हो .

समय गतिशील है यह हमेशा बदलेगा चाहे हम कुछ भी कर ले यह हमारे वश में नहीं है हमारे वश में है तो केवल अपने आपको समय के अनुसार तैयार रहने की।  उतार चढ़ाउ दोनों हर इंसान के जीवन में आता ही है अंतर केवल इतना है कि कुछ लोग बिखर जाते है और कुछ लोग निखर जाते है।  जो बिखरता है उसकी तरफ कोई नहीं देखता और न ही कोई देखना चाहता है क्योकि लोग उगते सूरज को नमस्कार करते है न कि डूबते  सूरज को। 

कितना भी संकट हो सब अपने अंदर ही रखो और उसी संकट को अपनी ताकत बनाओ न कि कमजोरी। जब आप परेशानियों से जूझ रहे होंगे और अपने आपको उससे लड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे होंगे तब असली मायने में आप अपने आप को सोने की तरह तपाकर मूल्यवान बनाते हो जो की सब के बस की बात नहीं होती। 




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